एथेनॉल (Ethanol) पेट्रोल: भारत में इसके 5 बड़े फायदे, नुकसान,चुनौतियां और भविष्य की रणनीति

एथेनॉल(Ethanol)पेट्रोल क्या है

एथेनॉल (Ethanol) पेट्रोल क्या है

ऐसा पेट्रोल जिसमे  सामान्य पेट्रोल के साथ एथेनॉल (Ethanol) मिलाया गया

(भारत में एथेनॉल (Ethanol) पेट्रोल तेजी से बढ़ रहा है आइये इसके महत्व और चुनौतियों को विस्तार से समझते है )

एथेनॉल (Ethanol) पेट्रोल 3 प्रकार होते है 

1.E10 

2.E20 और 

3.E100 (Pure Ethanol सिर्फ़ पायलट प्रोजेक्ट्स के लिए)

एथेनॉल (Ethanol) पेट्रोल के सकारात्मक पहलू 

    •  1. एथेनॉल मक्का, गेहूं, गन्ने जैसे कृषि उत्पादों से बनने वाला बायो-फ्यूल है। किसानो की अतिरिक्त कमाई भी होती है।

    • 2. एथेनॉल पर्यावरण के लिए भी कार्बन उत्सर्जन कम करने का काम करता है.

    • 3. कच्चे तेल का आयात कम करता है जिसके कारण एथेनॉल (Ethanol)  पेट्रोल की तुलना में सस्ता पड़ता है.

    • 4. एथेनॉल से प्रदूषण कम होता है क्यो कि उसमे ऑक्सीजन की अधिकता होती है, जिससे ईधन अच्छे से जलता है.

    नार्मल पेट्रोल (Pure Petrol), एथेनॉल पेट्रोल (Ethanol10, Ethanol20) में अंतर।

    नार्मल पेट्रोल 

    1.यह पुराने समय से प्रयोग होता आ रहा है।

    2.यह प्रदूषण बहुत करता है क्यो की इसमें बायो-फ्यूल नही होता 

    3.कच्चा तेल बाहर से मगाना पड़ता है इसके कारण आयात पर निर्भरता बनी रहती है।

    4.इसमें एथेनॉल बिल्कुल नहीं होता है इसमें 100% पेट्रोल रहता है।

    E10 पेट्रोल

    1.इंडिया में अभी ज्यादातर जगह यही मिलता है.

    2.ज्यादातर पुरानी और नई गाड़ियाँ इससे आसानी से चल जाती है.

    3.इसमें 90% पेट्रोल + 10% एथेनॉल होता है। ये पेट्रोल की खपत थोड़ी कम करता है और प्रदूषण भी कम करता है।

    E20 पेट्रोल (इसके फायदे और नुकसान)

    1.यह नयी गाड़ियाँ (2023 के बाद बन रही) इसके अनुकूल बनायी जा रही है।

    2.इसमें 80%पेट्रोल + 20% एथेनॉल होता है, जिसके कारण यह प्रदूषण को और कम करता है।

    3.लेकिन यह हर गाड़ी के लिए अनुकूल नहीं होता है।

    4.पुरानी गाड़ियाँ में इस्तेमाल करने पर इंजन और फ्यूल सिस्टम को नुकसान पहुचा सकता है।

    *एथेनॉल (Ethanol) पेट्रोल की शुरुआत 

    1.भारत ने 2001-02 में 5% एथेनॉल (Ethanol) मिलाकर पेट्रोल बेचने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया।
    2.पहली बार 5 राज्यो और एक केंद्र शासित प्रदेश ( उत्तर प्रदेश, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, पंजाब और पांडचेरी) में।
    3.जनबरी 2003 में देशभर के 9 राज्यो और 4 केंद्र शासित प्रदेशो में अनिवार्य रूप से पेट्रोल में 5% एथेनॉल मिलना शुरू किया।

    पुरानी गाड़ियाँ (2022 से पहले की) E20 PETROL डालने पर समस्याएँ

    1. पुराने इंजन में नमी के कारण जंग लग सकती है और यह पानी खींचता है क्यो कि यह हाइड्रोस्कोपिक होता है.

    2. पुराने मॉडल की गाड़ियाँ में फ्यूल सिस्टम डैमेज कर सकता है क्यो कि एथेनॉल प्लास्टिक,रबर और धातु पर अपना असर डालता है.

    3. एथेनॉल (Ethanol) में पेट्रोल जितनी ऊर्जा नहीं होती है जिसके कारण गाड़ी का माइलेज और पिकअप कम हो सकता है.

    4. गाड़ी ठंडी होने पर स्टार्ट होने में दिक्कत करेगी.

    भारत में एथेनॉल (Ethanol) पेट्रोल के लिए क्या क्या चुनौतियाँ हो सकती है 

    1. अभी सभी गाड़ियाँ E20 पर आसानी से नहीं चल पाती है.

    2. नई गाड़ियाँ को E20 के अनुकूल बनाने की दिशा में काम चल रहा है।

    3. भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक पूरे देश में E20 पेट्रोल उपलब्ध हो जाए। जिससे पेट्रोल का खर्च और प्रदूषण दोनों कम हो जाए।

    नोट –

    1. पुरानी गाड़ियाँ 2022 से पहले की सिर्फ़ E10 तक ही सीमित है। 

    2. अगर 2022 से पहले की गाड़ी में गलती से एक-दो बार E20 पेट्रोल डल जाता है तो सिर्फ़ माइलेज कम होगा लेकिन लगातार इस्तेमाल करोगे तो यह सुरक्षित नहीं है.

     लोगो के मन में एथेनॉल (Ethanol) पेट्रोल को लेकर चिंतायें और चुनौतियाँ 

    1.आम लोगो के मन में एथेनॉल ब्लेड फ्यूल ने बहुत से सवाल पैदा कर दिए है

    2.लोगो के सवाल है की एथेनॉल (Ethanol) पेट्रोल उनकी गाड़ियाँ के लिए ठीक है.

    3.कुछ लोगो का कहना है कि एथेनॉल (Ethanol) पेट्रोल से गाड़ी के माइलेज में कमी आती है और उसके इंजन पर भी असर पड़ता है.

    4.उनका एक सवाल यह भी है कि उनकी गाड़ी के लिए कौन सा पेट्रोल सही रहेगा.

     क्या एथेनॉल (Ethanol) पेट्रोल से गाड़ियो के माइलेज पर प्रभाब पड़ेगा महत्वपूर्ण बिंदु  

    टू व्हीलर गाड़ियो के एक्सपर्ट डॉ कुमारन कहते है कि…

    1.पेट्रोल निर्भर इंजन सिस्टम और उसके पुर्जे उस फ्यूल के साथ ठीक से काम नहीं कर पाते है जिसमे ज़्यादा एथनॉल मिला होता है.

    2.उनका कहना है कि इसलिए पुरानी गाड़ियो की पेट्रोल टंकी, गैसलेट और फ्यूल पाइप जैसी चीजों को एथेनॉल के अनुकूल पुर्जो को बदलना होगा.

    3.एनर्जी एक्सपर्ट नरेंद्र तनेजा का कहना है कि एथेनॉल (Ethanol) में पेट्रोल की तुलना में कम ऊर्जा होती है जिसके कारण गाड़ियो के माइलेज में कमी हो सकती है.

    4.उन्होंने यह भी कहा कि इंजन के कुछ हिस्सो में बदलाव और सही ट्यूनिंग के ज़रिए माइलेज सही भी किया जा सकता है.

    भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने एथेनॉल  (Ethanol) पेट्रोल से जुड़ी एक पोस्ट डाली जिसमे लिखा..

      1.E20 फ्यूल से गाड़ियों पर कोई ख़राब असर नहीं पड़ रहा है। माइलेज में कमी बाली बात पर मंत्रालय ने लिखा..

      2.रेगुलर पेट्रोल की तुलना में एथेनॉल की एनर्जी डेंसिटी कम होने की बजह से माइलेज में थोड़ी कमी आ सकती है।

    सबसे अच्छा पेट्रोल कौन सा है

    1.इसके जबाब में नरेद्र तनेजा ने बोला कि पेट्रोल जितना प्योर होगा, वो उतना ज़्यादा गाड़ी को पॉवर देगा और माइलेज भी।

    2.बाजार में नार्मल और प्रीमियम कैटेगरी के ईधन भी मिलते है।

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    भारत में एथेनॉल(Ethanol) पेट्रोल

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